रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान “मिशन शक्ति 5.0” के तहत मंगलवार को जनपद में ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने नारी सशक्तिकरण की तस्वीर को जीवंत कर दिया। “एक दिन की जिलाधिकारी” कार्यक्रम के अंतर्गत मेधावी छात्राओं ने प्रशासनिक कुर्सियों पर बैठकर न केवल जिम्मेदारियों को समझा, बल्कि अपने आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों से चयनित प्रतिभाशाली बालिकाओं ने जिले के प्रमुख प्रशासनिक पदों की सांकेतिक जिम्मेदारी संभाली। दिव्यांशी यादव ने जिलाधिकारी (DM) की भूमिका निभाते हुए प्रशासनिक कार्यों की बारीकियों को समझा, वहीं प्रिया यादव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बनकर कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को जाना। इसके अलावा मानशी वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO), आरती ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अंजली सक्सेना ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), एंजेल कपिल ने सिटी मजिस्ट्रेट और शगुन वर्मा ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई।

इस दौरान बालिकाओं को न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई, बल्कि जन समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्णय लेने की प्रणाली से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन के महत्व को समझाते हुए समाज में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि “मिशन शक्ति” अभियान का मूल उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसी कड़ी में जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी बालिकाओं को डिक्शनरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए यह संदेश दिया गया कि बेटियां अब केवल सपने नहीं देखतीं, बल्कि उन्हें साकार करने का हौसला भी रखती हैं।

