रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे स्विमिंग पूल और जिम संचालकों पर अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। जिला प्रशासन और खेल विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सभी संचालक 30 अप्रैल 2026 तक हर हाल में अपना पंजीकरण जिला खेल कार्यालय में कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में यह कदम उठाया गया है, जिससे जनपद में संचालित स्विमिंग पूल और जिम की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। विभागीय जानकारी के अनुसार, अब तक कई ऐसे स्विमिंग पूल और जिम सामने आए हैं जो बिना किसी आधिकारिक अनुमति के संचालित हो रहे हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला खेल कार्यालय द्वारा गठित एक विशेष समिति पंजीकरण के लिए आए आवेदनों की जांच करेगी। जांच के दौरान संबंधित स्विमिंग पूल और जिम में सुरक्षा इंतजाम, स्वच्छता, प्रशिक्षित स्टाफ और अन्य मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। सभी मानकों पर खरा उतरने वाले संचालकों को ही एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी किया जाएगा।
प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र यादव ने दो टूक शब्दों में कहा कि 30 अप्रैल के बाद यदि कोई भी स्विमिंग पूल या जिम बिना पंजीकरण के संचालित होता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें सीलिंग से लेकर अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
प्रशासन के इस सख्त रुख से साफ है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए कोई राहत नहीं होगी। वहीं, आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है।

