रिपोर्ट – हरीश राज

हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के वार्ड संख्या 16 विवेकानंद नगर में देवगांव मार्ग किनारे नगर पंचायत द्वारा बनाया गया जल निकासी का नाला एक दबंग के अतिक्रमण के सामने आकर ठहर गया है। अगर यह अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो पानी निकासी के लिए नगर पंचायत द्वारा खर्च किए गए 80 लाख पानी में डूब जाएंगे। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करके समस्या के समाधान की मांग की है। शिकायत के निस्तारण के प्रकरण को नगर पंचायत ने पीडब्ल्यूडी का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया है। अब देखना यह है कि पीडब्ल्यूडी इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है।
कस्बे के वार्ड संख्या 16 में बस्ती के जल निकासी के ठोस प्रबंधन के लिए नगर पंचायत ने 80 लाख की भारी भरकम राशि व्यय करके 800 मीटर लम्बा नाला बनवाया था। इसका 770 मीटर कार्य पूर्ण हो गया है। देवगांव मार्ग किनारे बनाए गए इस नाले को राधे-राधे पैलेस के समीप आकर रोक दिया गया है क्योंकि राधे-राधे पैलेश की बाउंड्री वाल को पीडब्ल्यूडी की जमीन को कब्जा करके बनाया गया है। नगर पंचायत इस बाउंड्री वाल पर हाथ नहीं लगाना चाहती है। इसकी शिकायत वार्ड के निवासी रामजीवन शुक्ला, रमेश चंद्र आदि ने जिलाधिकारी से की है। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे नगर पंचायत ने जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि मामला पीडब्ल्यूडी की जमीन का है। लिहाजा कार्यवाही भी पीडब्ल्यूडी ही कर सकता है। इस तरह से बड़ी खूबसूरती के साथ नगर पंचायत ने शिकायत की गेंद को पीडब्ल्यूडी की ओर डाल दिया। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता मुनेंद्र प्रताप यादव ने बताया कि कब्जा धारक को नोटिस भेजा गया है। नोटिस का अभी तक जवाब नहीं मिला है। जवाब मिलने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाएगी। जमीन पीडब्ल्यूडी की है यह नापजोख में स्पष्ट हो गया है। अगर अतिक्रमण कर्ता अतिक्रमण को नोटिस की समयावधि के तहत नहीं हटाता है तो प्रशासन के सहयोग से इसको हटाकर नाले के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया जाएगा।

