रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। भोप थाना क्षेत्र के गांव अथाई में दिव्यांशु की शोकसभा जनआक्रोश में बदल गई। विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए न्याय की मांग को तेज कर दिया। शोकसभा के दौरान उठी आवाज अब आंदोलन का रूप लेती दिख रही है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ा ऐलान करते हुए 3 अप्रैल को देहरादून स्थित एसएसपी कार्यालय पर न्याय पंचायत बुलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु की बेरहमी से हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है। उन्होंने साफ किया कि न्याय के लिए अब सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तर तक आवाज बुलंद की जाएगी और बड़ी संख्या में लोग देहरादून पहुंचेंगे।
बिजनौर लोकसभा सांसद चंदन चौहान ने भी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा के लिए बाहर भेजे गए बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
अखिल जाट महासभा के जिला अध्यक्ष ब्रजवीर चौधरी ने इसे केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरे समाज की लड़ाई बताया और सभी से एकजुट रहने की अपील की। वहीं रालोद जिला अध्यक्ष संजय राठी ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल देहरादून जाकर प्रशासन से सीधी वार्ता करेगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हरसंभव दबाव बनाया जाएगा।
सदर ब्लॉक प्रमुख अमित पवार ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की वारदातें बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर गहरा असर डालती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई ही समाज में भरोसा कायम रख सकती है।
शोकसभा में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, मोरना ब्लॉक प्रमुख अनिल राठी, अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनू चौधरी दंतल, देवेंद्र चौधरी, कृष्णपाल राठी, सुप्रिया पाल समेत कई जनप्रतिनिधि और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। माहौल गमगीन रहा, लेकिन लोगों के चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था।
सभा के अंत में गणमान्य लोगों ने दिव्यांशु के परिजनों—दादा हरवीर सिंह, पिता अमित कुमार और भाई लक्षित जटराणा—को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

