रिपोर्ट – मो0 नसीम

बाराबंकी। जनपद के असंद्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ढेमा गांव निवासी वसीमुद्दीन उर्फ हग्गन का 25 वर्षीय बेटे सुहेल की बुधवार देर रात अस्पताल में मौत हो गई। सुहेल पिछले करीब डेढ़ माह से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा था, लेकिन अंततः वह यह जंग हार गया। युवक का शव जैसे ही घर पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बहन जुबेदा और पिता हग्गन का दर्द देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। बहन लगातार अपने भाई के लिए इंसाफ की गुहार लगाती रही।
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इनायत नगर और पटरंगा थाना पुलिस सुहेल को घर से उठाकर ले गई थी और उसके साथ बर्बरता से पिटाई की होश हवास खो दिया और पुलिस का खौफ इस कदर व्याप्त हो गया कि उसने आत्म हत्या का कदम उठा लिया।परिजनों का कहना है कि इसी घटना के बाद से वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा था।
बताया गया कि सुहेल के इलाज में उसके पिता ने अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर दी। यहां तक कि घर के जेवर तक बेच दिए और बेटे की जान बचाने के लिए लोगों से उधार व मदद भी मांगी। बाराबंकी के मियो हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा था, जहां करीब डेढ़ माह तक इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि उन्होंने न्याय के लिए लगातार शिकायत पत्र दिए और धरना-प्रदर्शन भी किया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिस ने परिजनों और उनके समर्थकों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया।
घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाने लगे। इस दौरान अधिवक्ता अभिषेक प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि इनायत नगर थाने में पुलिस ने सुहेल को उठाया, जबकि वह निर्दोष था। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति बिगड़ गई और उसने आत्मघाती कदम उठाया।
अधिवक्ता ने कहा कि उन्होंने परिवार के साथ मिलकर न्याय के लिए संघर्ष किया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान सपा के पूर्व विधायक रुश्दी मियां भी मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
गौरतलब है कि सपा सहित अन्य दलों के नेता परिजनों से मिलने पहुंचे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि सत्ताधारी दल का कोई जनप्रतिनिधि अब तक उनके घर नहीं पहुंचा। और न ही उनको न्याय दिलाने में उनकी मदद की ।इससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
परिजनों और ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

