संवेदनाओं का जनता दर्शन किसी को मिली ट्राईसाइकिल, तो किसी को मिला इलाज का आयुष्मान सहारा

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डीएम की संवेदनशीलता से दूर हुए दर्दे-दिल, जनता दर्शन में बांटी गईं खुशियां

दिव्यांग फैजान के सफर को मिले पहिए, गंभीर मरीजों को सौंपा गया आयुष्मान का आरोग्य कवच

बेसहारा बच्चों के सिर पर रखा बाल सेवा योजना का हाथ, होनहार बेटियों की भी हुई हौसला अफजाई

रिपोर्ट – शारिक खान

रामपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में लगा जनता दर्शन इस बार सिर्फ शिकायतों के पुलिंदों और फाइलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कई मायूस चेहरों पर मुस्कान लौटाने का जरिया बना। जिलाधिकारी श्री अजय कुमार द्विवेदी की त्वरित कार्यशैली और संवेदनशीलता ने सिस्टम पर आमजन के भरोसे को और मजबूत किया है। यहां किसी दिव्यांग की राहों के कांटे दूर हुए, तो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मुफ्त इलाज की संजीवनी मिली। प्रशासन की इस दरियादिली से लाभान्वित हुए लोगों की आंखें खुशी से छलक उठीं।

फैजान के सपनों को मिले पहिए

तहसील सदर के ग्राम खिजरपुर निवासी दिव्यांग फैजान के लिए शारीरिक अक्षमता अब तक एक बड़ी बेड़ी बनी हुई थी। कदम-कदम पर आवागमन की दुश्वारियां लेकर वह डीएम के दर पर पहुंचे थे। जिलाधिकारी ने उनकी पीड़ा को बेहद आत्मीयता से सुना और बिना किसी लेटलतीफी के उन्हें तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट की। अब तक दूसरों पर निर्भर रहने को मजबूर फैजान, अपना खुद का वाहन पाकर गदगद नजर आए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब उनकी जिंदगी की रफ्तार नहीं थमेगी और वे आत्मनिर्भर होकर अपने काम कर सकेंगे।

बीमारी से जंग में आयुष्मान का मजबूत सहारा

बीते जनता दर्शन में सदर तहसील के ग्राम बीजइया की कुमकुम और मिलक के ग्राम नानकार निवासी सुरेश कुमार ने अपनी गंभीर बीमारियों का हवाला देकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमे ने फुर्ती दिखाई और दोनों के आयुष्मान कार्ड बनकर तैयार हो गए। इस जनता दर्शन में डीएम ने खुद अपने हाथों से उन्हें यह सुरक्षा कवच सौंपा, जिससे अब उनके मुफ्त और बेहतर इलाज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

अनाथ नौनिहालों के जीवन में भरा रंग

प्रशासन ने उन मासूमों को भी गले लगाया, जिनके सिर से अपनों का साया हमेशा के लिए छिन चुका है। तहसील सदर के ग्राम मिलक बिचौला के अनाथ भाई-बहन मौनिस रजा और अनमबी को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के दायरे में लाकर उनके सुरक्षित भविष्य का ताना-बाना बुना गया। वहीं, पनवडिया के आरूष और काशीराम कॉलोनी के साबर अली को केंद्र सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़कर आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई, ताकि उनकी परवरिश में कोई आंच न आए।

होनहार बेटियों की हौसला अफजाई

खेलो इंडिया योजना के तहत खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए भी डीएम ने दिल खोलकर मदद की। बरेली में खेल की बारीकियां सीख रहीं जिले की होनहार बेटियों-कु. छवि और गुनगुन को 7500-7500 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। डीएम ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का अहम हिस्सा हैं, और सरकार किसी भी होनहार के कदम रुकने नहीं देगी।

अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का उजाला

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनता दर्शन में आई हर शिकायत का निस्तारण सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगों, निराश्रित बच्चों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ देना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों की संवेदनशीलता ही यह तय करेगी कि सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं का उजाला समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

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