रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। जनपद में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 (द्वितीय शनिवार) को किया जाएगा। यह लोक अदालत दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर, वाह्य न्यायालय बुढाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, ग्राम न्यायालय खतौली तथा कलेक्ट्रेट मुजफ्फरनगर में आयोजित होगी, जहां विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया जाएगा।
माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में सोमवार को डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी, सिविल जज (सीडी) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिला कारागार मुजफ्फरनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक, महिला बैरक और बाल बैरक का जायजा लिया तथा दोषसिद्ध बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया।
शिविर में बंदियों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ. चौधरी ने बंदियों को जागरूक करते हुए बताया कि यदि किसी दोषसिद्ध बंदी को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने में कोई कानूनी परेशानी आती है तो वह जिला कारागार अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन देकर सहायता प्राप्त कर सकता है।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने कैदियों की समस्याएं भी सुनीं और उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया कि जिन बंदियों के मामलों का निस्तारण ई-जेल लोक अदालत अथवा जेल लोक अदालत के माध्यम से संभव है, उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी जाए, ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जा सके। साथ ही जिन बंदियों की जमानत याचिका अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित है, उन्हें भी विधिक सहायता प्रदान की गई।
सचिव ने बताया कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, टेलीफोन, बिजली व पानी के बिल, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद तथा अन्य सिविल मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों का समाधान कराने के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं।

