रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। आबकारी विभाग के फुटकर और थोक लाइसेंसधारकों को ई-बैंक गारंटी जारी करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट स्तर पर एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने की, जिसमें जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला आबकारी अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और सहायक शाखा प्रबंधक शामिल हुए।
बैठक में शासन के निर्देशों के अनुरूप ई-बैंक गारंटी जारी करने की व्यवस्था को अधिक सरल और समयबद्ध बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आबकारी विभाग से जुड़े लाइसेंसधारकों को बैंक गारंटी प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए और पात्र आवेदकों को निर्धारित समय सीमा में सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि ई-बैंक गारंटी जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, ताकि शासन के आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान जिला आबकारी अधिकारी ने भी बैंकों के अधिकारियों के साथ व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की। इस दौरान ई-बैंक गारंटी जारी करने में आने वाली तकनीकी व प्रक्रिया संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए कई सुझाव सामने आए, जिन पर अध्यक्षता कर रहे अधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी ने सभी बैंकों से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए आबकारी विभाग के लाइसेंसधारकों को ई-बैंक गारंटी जारी करने में पूरा सहयोग देने की अपील की, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

