रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। जनपद के नलकूप विभाग में करीब 1.50 करोड़ रुपये के बड़े गबन का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग के अधिशासी अभियंता राहुल अग्रहरि और सेटलमेंट के नाम से चर्चित बाबू राम कुमार वर्मा की आपसी मिलीभगत से विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।
सूत्रों के अनुसार नलकूप विभाग में मरम्मत कार्य, सामग्री आपूर्ति और अन्य विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों और कागजी खानापूर्ति के जरिए भारी धनराशि की निकासी की गई। कई ऐसे कार्य दर्शाए गए, जो या तो धरातल पर हुए ही नहीं या फिर उनकी लागत वास्तविक खर्च से कई गुना अधिक दिखाई गई।
बताया जा रहा है कि विभाग में लंबे समय से सेटलमेंट सिस्टम के तहत ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच लेन-देन का खेल चल रहा था। इसी व्यवस्था के जरिए बाबू राम कुमार वर्मा को अहम भूमिका निभाने वाला बताया जा रहा है, जबकि अधिशासी अभियंता राहुल अग्रहरि पर भुगतान पास कराने और फाइलों को मंजूरी देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले में अधिशासी अभियंता राहुल अग्रहरि से पक्ष जानने के लिए बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा, जिससे विभागीय स्तर पर उठ रहे सवाल और भी गहरे हो गए हैं।
मामले के उजागर होने के बाद जनप्रतिनिधियों और आम जनता में आक्रोश है। लोगों की मांग है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और गबन की गई सरकारी धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि
इतनी बड़ी रकम का गबन कैसे और किनकी शह पर हुआ?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर समय रहते कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
फिलहाल पूरा जनपद इस मामले में शासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
