रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। के नलकूप विभाग में करीब 1.50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर विभागीय गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार यह मामला एक्सईएन (कार्यकारी अभियंता) राहुल अग्रहरि और विभाग में “सेटेलमेंट” बाबू के नाम से चर्चित बाबू की कथित मिलीभगत से जुड़ा बताया जा रहा है। मामले को लेकर कर्मचारियों से लेकर आमजन तक में चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि नलकूपों के निर्माण, मरम्मत, पाइपलाइन, मोटर-पंप और अन्य तकनीकी कार्यों में फर्जी बिलिंग, मानक से कम सामग्री का उपयोग और कागजों पर कार्य दिखाकर भुगतान किए जाने के आरोप सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि कई कार्य या तो हुए ही नहीं या आधे-अधूरे कराए गए, जबकि पूरा भुगतान निकाल लिया गया।
विभागीय सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में सेटेलमेंट की आड़ में ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच आपसी सांठगांठ से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। आरोप यह भी है कि शिकायतें होने के बावजूद प्रभाव और रसूख के चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो घोटाले की परतें खुलकर सामने आ सकती हैं और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं विभागीय स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस प्रकरण को लेकर निगरानी विभाग, सतर्कता अधिष्ठान अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग तेज हो रही है, ताकि सरकारी धन की लूट के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा सके।
