रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। शहर में विकास और बेहतर सफाई व्यवस्था के दावों के बीच किदवई नगर के ए टू जेड क्षेत्र की बदहाल तस्वीर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। हजारों की आबादी वाली इस बस्ती में न सफाई की समुचित व्यवस्था है, न सड़कों की हालत ठीक है और न ही रात में रोशनी का पर्याप्त इंतजाम। जगह-जगह फैली गंदगी और स्ट्रीट लाइटों की कमी ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी होती है।
बस्ती के लोगों का आरोप है कि गंदगी और आसपास के खराब वातावरण के चलते बीमारियों का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में कैंसर, दमा, एलर्जी और बुखार से पीड़ित मरीज भी हैं। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से सफाई, सड़क और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतें अधिकारियों की चौखट तक पहुंचकर भी समाधान में नहीं बदल पा रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि क्षेत्रवासी जिलाधिकारी से लेकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तक कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सवाल यह है कि आखिर हजारों लोगों की आबादी वाली इस बस्ती की सुध लेने वाला कोई क्यों नहीं है?
गुरुवार को क्षेत्र की बदहाली को लेकर स्थानीय निवासी और किसान यूनियन के कार्यकर्ता नगर पालिका पहुंचे और अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर समस्याएं उठाईं। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष शाहिद राजा ने अधिकारियों को क्षेत्र की बदहाल स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न गंदगी से निजात मिली और न ही सड़कों व रोशनी की व्यवस्था सुधरी। हजारों लोग परेशान हैं, लेकिन उनकी समस्या पर अब तक गंभीरता नहीं दिखाई गई।
प्रतिनिधिमंडल को अधिशासी अधिकारी ने शुक्रवार तक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगवाने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि यह आश्वासन हकीकत में बदलता है या फिर बस्ती के लोगों को एक बार फिर इंतजार ही करना पड़ेगा।
विकास के दावों के बीच ए टू जेड की बदहाली एक बड़ा सवाल है। आखिर नगर पालिका की नजर इस बस्ती पर कब पड़ेगी और लोगों को गंदगी, अंधेरे व बदहाल सड़कों से कब मुक्ति मिलेगी?
