रिपोर्ट: वीरेंद्र तोमर, बागपत
उत्तर प्रदेश के बागपत में चर्चित गैंगरेप मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपियों को सख्त सजा दी है। बड़ौत थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में एडीजे पंचम साबिस्ता आकिल की अदालत ने दोषियों को विभिन्न धाराओं में कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने सुनाई सख्त सजा
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत आरोपियों को 5 वर्ष की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अलावा धारा 376D आईपीसी के तहत आरोपियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।
चर्चित मामले में आया फैसला
यह मामला थाना बड़ौत क्षेत्र के चर्चित गैंगरेप प्रकरण से जुड़ा था। मामले की सुनवाई एडीजे पंचम साबिस्ता आकिल की अदालत में चल रही थी।
प्रकरण सरकार बनाम सलाउ आदि के नाम से दर्ज था। मामले का सीसी नंबर 347/19 और एसटी नंबर 73/19 बताया गया है।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए 8 गवाह
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 8 गवाह पेश किए गए।
अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह पंवार ने किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने मामले में प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
अदालत के फैसले की चर्चा
अदालत के इस फैसले के बाद जिले में मामले की चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि गंभीर अपराधों में त्वरित और सख्त सजा से अपराधियों में कानून का डर बढ़ता है।
स्थानीय लोगों ने फैसले को न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।
महिला अपराधों पर सख्ती का संदेश
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त सजा समाज में मजबूत संदेश देती है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने भी अदालत के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
