रिपोर्ट – एकरार खान
गाजीपुर की राजनीति में बुधवार को उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
Bharatiya Janata Party के जिला महामंत्री विष्णु प्रताप सिंह ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की राजनीति अब मुद्दों से हटकर व्यक्तिगत और जातिगत टिप्पणियों तक पहुंच चुकी है।
बीजेपी ने जताई कड़ी नाराजगी
प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी जिला महामंत्री विष्णु प्रताप सिंह ने कहा कि जमानिया से समाजवादी पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री Omprakash Singh द्वारा मनोज सिन्हा पर की गई कथित टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से सपा नेताओं की सोच उजागर होती है। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अब राजनीतिक मुद्दों पर बहस करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।
सपा नेताओं की भाषा पर उठाए सवाल
विष्णु प्रताप सिंह ने दावा किया कि कुछ दिन पहले गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद द्वारा भी इसी तरह की बयानबाजी की गई थी। उन्होंने कहा कि लगातार विवादित बयान देना समाजवादी पार्टी के नेताओं की आदत बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में विचारों का विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी सम्मानित नेता पर अभद्र टिप्पणी करना उचित नहीं माना जा सकता। बीजेपी नेता ने कहा कि जनता ऐसे बयानों को गंभीरता से देख रही है।
ओमप्रकाश सिंह के कार्यकाल पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए ओमप्रकाश सिंह के मंत्री कार्यकाल पर भी सवाल उठाए।
विष्णु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पर्यटन मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया था, जिसकी जांच अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले खुद विवादों में रहे हैं, वही अब बीजेपी नेताओं पर टिप्पणी कर रहे हैं।
बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि विकास कार्यों के लिए पहचान रखने वाले मनोज सिन्हा पर जातिगत टिप्पणी करना भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता को स्वीकार नहीं है।
कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनोज सिन्हा के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
कार्यक्रम में दयाशंकर यादव, पंकज कुमार राय, अविनाश सिंह, सोनू, राजन प्रजापति और गर्वजीत सिंह समेत कई बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और विवादित बयान देने वालों को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
जिले में गरमाई राजनीतिक चर्चा
इस बयानबाजी के बाद गाजीपुर की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए जिले में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।
बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ती राजनीतिक तल्खी अब सार्वजनिक मंचों तक पहुंच गई है। दोनों दलों के नेता लगातार एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया पर टिकी नजर
राजनीतिक हलकों में अब इस बात पर नजर बनी हुई है कि इस पूरे विवाद पर जनता की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि जनता विकास और सकारात्मक राजनीति चाहती है, जबकि विपक्षी दल केवल विवादित बयान देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
