रिपोर्टर : रजनीश शर्मा
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक शादी उस समय चर्चा का विषय बन गई जब दुल्हन ने फेरों से ठीक पहले दूल्हे को पहचानने से इंकार कर दिया। सोशल मीडिया पर शुरू हुई प्रेम कहानी शादी के मंडप तक तो पहुंची, लेकिन आखिरी वक्त पर ऐसा खुलासा हुआ कि पूरा समारोह हंगामे में बदल गया।
मामला शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां फर्जी पहचान और कथित ठगी से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर हुई थी दोस्ती
जानकारी के अनुसार युवती की सोशल मीडिया के जरिए “राहुल” नाम के युवक से पहचान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।
बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से संपर्क में थे और शादी करने का फैसला भी कर चुके थे। परिवार की सहमति के बाद विवाह की तैयारियां शुरू हुईं और शादी का कार्यक्रम तय कर दिया गया।
परिजनों के मुताबिक शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बारात धूमधाम से पहुंची थी। लेकिन जैसे ही दुल्हन की नजर दूल्हे पर पड़ी, उसने बड़ा दावा कर दिया।
“ये मेरा राहुल नहीं है” कहकर शादी से किया इंकार
दुल्हन ने मंडप में मौजूद दूल्हे को देखकर साफ कहा कि यह वही युवक नहीं है जिससे उसकी सोशल मीडिया पर बात होती थी। युवती का कहना था कि जिस युवक ने खुद को “राहुल” बताया था, वह असल में कोई और था।
दुल्हन ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर जिस व्यक्ति से उसकी बातचीत हुई थी, उसने अपनी पहचान छिपाई थी। उसका कहना था कि असली नाम “देवेंद्र” है और उसने फर्जी नाम से दोस्ती कर शादी का झांसा दिया।
युवती के इस बयान के बाद शादी समारोह में हड़कंप मच गया। दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
लाखों रुपये ठगने का आरोप
युवती ने यह भी आरोप लगाया कि युवक ने शादी का भरोसा देकर उससे लाखों रुपये लिए थे। बताया जा रहा है कि अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे गए और युवती ने विश्वास में आकर रकम दे दी।
जब दुल्हन को शक हुआ और उसने दूल्हे को करीब से देखा तो उसे पूरी सच्चाई का अंदाजा हुआ। इसके बाद उसने शादी करने से साफ इंकार कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
मौके पर पहुंची पुलिस
शादी में हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों से पूछताछ शुरू की।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने 9 बारातियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और पैसों के लेनदेन की जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फर्जी पहचान के मामलों को लेकर बढ़ी चिंता
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन दोस्ती और रिश्तों में सतर्कता बेहद जरूरी है।
कई बार लोग नकली नाम और फोटो का इस्तेमाल कर भरोसा जीत लेते हैं और बाद में आर्थिक या भावनात्मक नुकसान पहुंचाते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें और किसी भी आर्थिक लेनदेन से पहले पूरी जानकारी की जांच जरूर करें।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना
हरदोई की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग इसे सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों से जोड़कर देख रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि ऑनलाइन रिश्तों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने युवती के फैसले को सही बताते हुए कहा कि समय रहते सच्चाई सामने आना बेहतर रहा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
