रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर न्यायिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को दीवानी न्यायालय परिसर के केंद्रीय हाल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें न्यायिक अधिकारियों को लंबित मामलों के अधिकतम निस्तारण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट-03 श्री रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि लोक अदालत आमजन को सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) और पेटी ऑफेंस से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा कर अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में संदर्भित करें, ताकि विवादों का आपसी समझौते के आधार पर शीघ्र समाधान हो सके।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 9 मई (द्वितीय शनिवार) को दीवानी न्यायालय मुजफ्फरनगर के साथ-साथ बाह्य न्यायालय बुढाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, ग्राम न्यायालय खतौली और कलेक्ट्रेट परिसर में भी किया जाएगा। इस दौरान मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, बैंक रिकवरी, एनआई एक्ट की धारा 138 के प्रकरण, आपराधिक वाद, बिजली-पानी-टेलीफोन बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व एवं सिविल मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती कविता अग्रवाल समेत जनपद के विभिन्न न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने लोक अदालत को सफल बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया।
जनपद में इस पहल को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में लंबित मामलों का समाधान होगा और आमजन को राहत मिलेगी।

