रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में यूरिया उर्वरक की आपूर्ति और बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। संयुक्त कृषि निदेशक, सहारनपुर मंडल और उप कृषि निदेशक, मुजफ्फरनगर की संयुक्त टीम ने अप्रैल माह के दौरान जिले में यूरिया के टॉप खरीदार किसानों का सत्यापन अभियान चलाया, जिससे उर्वरक की संभावित कालाबाज़ारी पर लगाम लगाने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान पुरकाजी स्थित मिगलानी सीड स्टोर से ग्राम कुतबपुर निवासी किसान विपिन द्वारा खरीदे गए 40 यूरिया बैग का मौके पर सत्यापन किया गया। इसके साथ ही विक्रय केंद्र और गोदाम का निरीक्षण किया गया, जहां एचयूआरएल कंपनी के 600 बैग और आईपीएल कंपनी के 369 बैग यूरिया का स्टॉक पाया गया।
इसी क्रम में हरबंस लाल संजीव कुमार के प्रतिष्ठान और गोदाम की भी गहन जांच की गई, जहां निरीक्षण के समय टीएसपी के 391 बैग उपलब्ध मिले। अधिकारियों ने दोनों विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही उर्वरक की बिक्री करें और किसी भी अन्य कृषि उत्पाद के साथ टैगिंग न करें।
कृषि विभाग ने यह भी साफ किया कि प्रति किसान एक हेक्टेयर भूमि पर अधिकतम 7 बैग यूरिया ही दिया जाए और बिना सत्यापन के किसी भी किसान को उर्वरक की बिक्री न की जाए।
अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उर्वरक अधिनियम के नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई से जनपद में उर्वरक की कालाबाज़ारी पर प्रभावी रोक लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।

