रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। शाहपुर पुलिस द्वारा दो सर्राफा कारोबारियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई ने बुधवार को पूरे शहर का बाजार ठप करा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में सर्राफा व्यापारियों ने एकजुट होकर बाजार बंद रखा और सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने पुलिस पर रंजिशन कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण को ‘फर्जी’ करार दिया।
दरअसल, शाहपुर पुलिस ने सिविल लाइन और शाहपुर क्षेत्र से जुड़े करीब 10 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे संगठित अपराधों में संलिप्त रहा है। इस कार्रवाई में सर्राफा व्यवसाय से जुड़े अंशुल वर्मा, तुषार वर्मा और वंश वर्मा के नाम भी शामिल होने से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया।
कार्रवाई के विरोध में श्री मैढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति के अध्यक्ष पवन वर्मा और जिला सर्राफा एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी सड़कों पर उतर आए।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तुषार और वंश वर्मा को एक साल पुराने मामले को आधार बनाकर दोबारा फंसाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने युवकों को घर से उठाया, जबकि रिकॉर्ड में जंगल से गिरफ्तारी दिखाकर सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई है। व्यापारियों का कहना है कि निर्दोष युवाओं पर गैंगस्टर एक्ट थोपकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए धरना स्थल पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक और राज्यमंत्री भी पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन को निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। सांसद हरेंद्र मलिक ने साफ कहा कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इधर, धरने की सूचना मिलते ही एएसपी एवं सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त करते हुए जिलाधिकारी और एसएसपी को ज्ञापन सौंपा।

