आरटीआई लगाने के बावजूद रिपोर्ट नहीं मिलने का आरोप, ट्रस्टियों को रिपोर्ट मिलने पर जताई आपत्ति
ब्यूरो रिपोर्ट
सिवनी मालवा। जांच रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए बार-बार आवेदन देने के बावजूद रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता नीरज तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने जनसुनवाई में 11 अगस्त 2026 को आवेदन देने के साथ ही 8 सितंबर को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जांच रिपोर्ट और उससे संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां मांगी थीं। इसी दिन कमिश्नर को भी आवेदन दिया गया था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन प्रयासों के बावजूद आज तक उन्हें जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद संयुक्त कलेक्टर श्री नितिन टाले का 30 सितंबर 2026 का पत्र मिला, जिसमें आरटीआई के माध्यम से रिपोर्ट मांगने की बात कही गई। नीरज तिवारी का कहना है कि वह पहले ही 8 सितंबर को आरटीआई आवेदन कर चुके हैं।
शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया कि उन्हें रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए लगातार आवेदन और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि संबंधित ट्रस्टियों को बिना आवेदन अथवा आरटीआई के ही जांच रिपोर्ट मिल गई। आरोप है कि ट्रस्टियों ने रिपोर्ट के आधार पर प्रेस नोट जारी कर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर दी।
नीरज तिवारी ने संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के साथ यह स्पष्ट करने की मांग की है कि ट्रस्टियों को रिपोर्ट किस आधार पर और किस प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई गई।
