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बाराबंकी में उर्वरकों की उपलब्धता का जायजा लेने पहुंचे संयुक्त कृषि निदेशक, पांच बिक्री केंद्रों का किया निरीक्षण

रिपोर्ट: संदीप वर्मा, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। जनपद बाराबंकी में डॉ. हरेन्द्र कुमार मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक), उत्तर प्रदेश ने भ्रमण के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता और निर्धारित मूल्य पर बिक्री की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पांच उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर स्टॉक, अभिलेखों और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जांच की।

निरीक्षण के दौरान मेसर्स नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के फुटकर उर्वरक बिक्री केंद्र कुरौली पर 1040 बोरी यूरिया उपलब्ध पाई गई। अभिलेखों और पीओएस मशीन के माध्यम से स्टॉक का मिलान किया गया, जो सही पाया गया। मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत कर उन्हें फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार फसल की संस्तुति के अनुरूप पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक प्राप्त करने की सलाह दी गई।

इसके बाद मेसर्स एग्रीजक्शन वन स्टॉप शॉप, रघई-गदिया का निरीक्षण किया गया, जहां 1295 बोरी यूरिया और 444 बोरी डीएपी उपलब्ध पाई गई। स्टॉक का मिलान सही पाया गया। बिक्री रजिस्टर के आधार पर कई किसानों से दूरभाष पर संपर्क कर उर्वरक की उपलब्धता और निर्धारित मूल्य पर बिक्री की पुष्टि की गई। इस दौरान कई किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री न बन पाने की समस्या से अवगत कराया, जिस पर अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन के बाद भूमि अभिलेख के आधार पर निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बी-पैक्स सहकारी समिति मुबारकपुर, धरसनिया में निरीक्षण के दौरान 318 बोरी यूरिया और 321 बोरी टीएसपी उपलब्ध पाई गई। वहीं बीएम सेल्स, असेनी में 120 बोरी यूरिया का स्टॉक मिला, जिसका सत्यापन सही पाया गया और निर्धारित दर पर बिक्री होती पाई गई।

मेसर्स राधेश्याम पवन कुमार, फुटकर उर्वरक बिक्री केंद्र, कुरौली में आईपीएल टीएसपी की 159 बोरी तथा सुपर की 117 बोरी उपलब्ध पाई गई।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) डॉ. हरेन्द्र कुमार मिश्र ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनने में किसी प्रकार की समस्या हो, उनका भौतिक सत्यापन कर भूमि अभिलेख एवं फसल की संस्तुति के अनुरूप निर्धारित मूल्य पर पीओएस मशीन से बिना किसी टैगिंग के उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी को भी निर्देशित किया कि अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री, टैगिंग अथवा अन्य अनियमितताओं की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियंत्रण आदेश-1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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