श्रावस्ती। पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से श्रावस्ती जिले के भिनगा में शनिवार को “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, एसएसबी के जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा, विधायक रामफेरन पाण्डेय, जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग तथा मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद ने पीपल, पाकड़, बरगद और आम जैसे छायादार एवं पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधे रोपे। उपस्थित लोगों से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि बैजनाथ रावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र को देखते हुए पौधरोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि श्रावस्ती जनपद में इस वर्ष लगभग 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान लोगों को प्रकृति और परिवार दोनों से जोड़ने का एक प्रेरणादायक प्रयास है। उन्होंने लोगों से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल हरियाली बढ़ाने का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने का भी संकल्प है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं और एसएसबी के जवानों ने भी पौधरोपण किया। छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताते हुए पौधों की देखभाल का संकल्प दिलाया गया। वहीं आमजन के बीच विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घरों, खेतों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगा सकें।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी किट का भी वितरण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं में भी पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा और विधायक रामफेरन पाण्डेय ने भी लोगों से पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमें शुद्ध वायु, छाया, फल, वर्षा और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधरोपण अभियान में सहयोग देने वाले सभी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षकों, छात्रों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से श्रावस्ती निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करेगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल कायम करेगा। पूरे आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
