रिपोर्ट : राकेश कुमार
बिजनौर जिले की धामपुर तहसील में उस समय माहौल गरमा गया जब गांव खानूजट के ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने लेखपाल पर बैनामासुदा जमीन की बाउंड्री जेसीबी मशीन से तुड़वाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और नुकसान की भरपाई कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर उनकी निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
बैनामे से खरीदी गई थी जमीन
ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी कामेंद्र सिंह ने मौजा नंगला में लगभग 0.084 हेक्टेयर जमीन बैनामे के माध्यम से खरीदी थी।
बताया गया कि जमीन खरीदने के बाद उसकी चारों ओर बाउंड्री कराई गई थी ताकि भूमि सुरक्षित रह सके। ग्रामीणों का दावा है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से की गई थी और जमीन पर कब्जा भी वैध रूप से था।
जेसीबी से तोड़ी गई बाउंड्री का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन से बाउंड्री तुड़वा दी। उनका कहना है कि जिस रास्ते को लेकर विवाद बताया जा रहा है, उसे भी लेखपाल की जानकारी और सहमति से ही खोला गया था।
इसके बावजूद अचानक बाउंड्री को ध्वस्त कर दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि बिना उचित सूचना और प्रक्रिया अपनाए इस तरह की कार्रवाई करना गलत है।
छह लाख रुपये नुकसान का दावा
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बाउंड्री तोड़े जाने से उन्हें करीब छह लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को और तेज कर सकते हैं।
एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। उनका कहना था कि प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के तहत होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बिना जांच और उचित प्रक्रिया के इस तरह संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाएगा तो लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होगा।
ग्रामीणों ने मांग की कि संबंधित लेखपाल की भूमिका की जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो उचित कार्रवाई की जाए।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
धामपुर तहसील क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग प्रशासनिक कार्रवाई और ग्रामीणों के आरोपों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
