रिपोर्ट : राकेश कुमार
बिजनौर जिले के नगीना थाना क्षेत्र में स्थित एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा सामने आया है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान एक छात्र करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों में डर का माहौल बन गया।
घायल छात्र की पहचान हरीश पुत्र ब्रह्मपाल निवासी खानपुर गांव के रूप में हुई है। छात्र को तत्काल उपचार के लिए नगीना स्थित J.K Hospital में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार नगीना क्षेत्र के ग्राम रमपुरा स्थित सरकारी स्कूल में छात्र रोज की तरह पढ़ाई करने पहुंचा था। इसी दौरान अचानक उसे करंट लग गया।
करंट लगते ही छात्र की हालत बिगड़ गई और स्कूल में मौजूद शिक्षक व अन्य लोग घबरा गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
आनन-फानन में घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सरकारी स्कूल में करंट लगने की इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर में बिजली से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर स्कूल परिसर में ऐसी क्या लापरवाही थी जिसके कारण छात्र करंट की चपेट में आ गया।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जांच की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था की जांच की गई होती तो शायद यह हादसा टल सकता था।
लोगों ने प्रशासन से स्कूल परिसर की विद्युत व्यवस्था की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अस्पताल में चल रहा उपचार
घायल छात्र का इलाज नगीना के जे.के अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में छात्र की हालत पर नजर रखी जा रही है।
परिजनों के अनुसार घटना के बाद बच्चा काफी घबरा गया था। फिलहाल डॉक्टरों द्वारा उपचार किया जा रहा है और उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था जरूरी
यह घटना एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में बिजली के तार, स्विच बोर्ड और अन्य उपकरणों की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है।
इसके अलावा बच्चों को भी विद्युत सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जानी चाहिए ताकि वे किसी भी खतरे से सतर्क रह सकें।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय लोगों को अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई गई तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
फिलहाल पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है और लोग स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
