रिपोर्ट: सुदेश वर्मा
बागपत के बिनौली स्थित बी-पैक्स समिति पर खाद वितरण को लेकर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब तकनीकी खराबी के कारण मशीन कुछ समय के लिए बंद हो गई। मशीन बंद होने से खाद लेने पहुंचे किसानों की लंबी कतार लग गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालांकि समिति प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या दूर होते ही सभी किसानों को नियमों के अनुसार खाद का वितरण शुरू कर दिया गया था। इसके बावजूद कुछ गैर सदस्य किसानों ने समिति परिसर में हंगामा किया।
तकनीकी खराबी से रुका खाद वितरण
जानकारी के अनुसार बी-पैक्स समिति बिनौली में किसान यूरिया और डीएपी खाद लेने के लिए सुबह से ही पहुंचने लगे थे। इसी दौरान खाद वितरण में इस्तेमाल होने वाली मशीन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे कुछ देर के लिए वितरण प्रक्रिया रोकनी पड़ी।
मशीन बंद होने की सूचना मिलते ही किसानों में नाराजगी बढ़ने लगी। कई किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। देखते ही देखते समिति परिसर में भीड़ बढ़ गई और हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
मशीन चालू होते ही शुरू हुआ वितरण
बी-पैक्स समिति के एमडी राकेश कुमार ने बताया कि मशीन में आई तकनीकी समस्या को जल्द ही ठीक कर लिया गया था।
उन्होंने कहा कि मशीन चालू होते ही सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराई गई और किसी भी पात्र किसान को वापस नहीं लौटाया गया। समिति की ओर से नियमों के अनुसार खाद वितरण किया जा रहा है।
नियमों के अनुसार किया गया खाद वितरण
समिति प्रशासन के मुताबिक सदस्य किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों के तहत खाद वितरित की गई। प्रति एकड़ दो कट्टे यूरिया और डीएपी दिए गए, जबकि एक हेक्टेयर भूमि पर सात कट्टे यूरिया वितरण का प्रावधान लागू किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि खाद वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया और रिकॉर्ड के आधार पर किसानों को सामग्री उपलब्ध कराई गई।
गैर सदस्य किसानों ने किया हंगामा
समिति प्रशासन का आरोप है कि कुछ गैर सदस्य किसान भी खाद लेने के लिए पहुंचे थे। जब उन्हें निर्धारित नियमों की जानकारी दी गई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। इसी वजह से मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
हालांकि बाद में अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों को समझाकर स्थिति को शांत कराया।
किसानों की भीड़ से बढ़ी अव्यवस्था
खाद वितरण के दौरान बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने से अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। कई किसान समय पर खाद मिलने को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
स्थानीय किसानों का कहना है कि खेती के मौसम में खाद की मांग बढ़ जाती है, इसलिए वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत है ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा
समिति प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि आगे खाद वितरण प्रक्रिया को और सुचारु बनाया जाएगा। तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए मशीनों की नियमित जांच भी कराई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
