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जनसुनवाई में डीएम अजय कुमार द्विवेदी का बड़ा एक्शन, खेत विवाद मिनटों में सुलझा; गरीब परिवारों को सौंपे आयुष्मान और अन्त्योदय कार्ड

रिपोर्ट: शारिक खान / रामपुर

रामपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम एक बार फिर आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण की मिसाल पेश करते हुए एक किसान का वर्षों पुराना चकमार्ग विवाद कुछ ही मिनटों में सुलझा दिया। इसके साथ ही आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड और अन्त्योदय राशन कार्ड उपलब्ध कराकर बड़ी राहत दी।

जनसुनवाई के दौरान डीएम की संवेदनशीलता और सख्त प्रशासनिक कार्यशैली देखने को मिली। जहां एक ओर दबंगों से परेशान किसान को न्याय मिला, वहीं दूसरी ओर गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा का भरोसा भी मिला।

खेत का विवाद एक फोन कॉल पर हुआ खत्म

तहसील बिलासपुर निवासी किसान राजेन्द्र सिंह लंबे समय से खेतों की जुताई और चकमार्ग विवाद को लेकर परेशान थे। किसान का आरोप था कि कुछ काश्तकार उन्हें खेत जोतने से रोक रहे थे और ट्रैक्टर के आवागमन का रास्ता भी बंद कर दिया गया था।

जब यह मामला जनता दर्शन में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के सामने पहुंचा तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया। डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार से ही सीधे एसडीएम बिलासपुर को फोन कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीएम के निर्देश मिलते ही राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विवाद को शांत कराया। अधिकारियों ने चकमार्ग से अवरोध हटवाकर किसान के ट्रैक्टर के आने-जाने का रास्ता साफ कराया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से किसान राजेन्द्र सिंह ने राहत की सांस ली।

गरीब परिवारों के लिए संजीवनी बनी आयुष्मान योजना

जनता दर्शन कार्यक्रम सिर्फ भूमि विवादों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह गरीब और बीमार लोगों के लिए उम्मीद की किरण भी साबित हुआ।

तहसील मिलक की रहने वाली श्रीमती देवेन्द्र कौर ने पिछले जनता दर्शन में अपने पति और बच्चे के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और इलाज का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।

वहीं तहसील टांडा के शिकारपुर निवासी नवाब अली गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और इलाज के लिए पैसे न होने के कारण परेशान थे। दोनों मामलों को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कुछ ही दिनों में बनकर तैयार हुए कार्ड

जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तेजी दिखाते हुए दोनों परिवारों के आयुष्मान कार्ड और आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए। इसके साथ ही पात्रता के आधार पर अन्त्योदय राशन कार्ड भी जारी किए गए ताकि परिवारों को खाद्यान्न और स्वास्थ्य दोनों स्तर पर राहत मिल सके।

आयुष्मान भारत योजना के तहत अब दोनों परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।

डीएम ने खुद कार्यालय बुलाकर सौंपे कार्ड

अक्सर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इस मामले में प्रशासन की अलग तस्वीर देखने को मिली।

दोनों परिवारों के कार्ड तैयार होने के बाद जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और अपने हाथों से आयुष्मान कार्ड एवं अन्त्योदय कार्ड सौंपे। डीएम ने परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं भी दीं।

प्रशासनिक मुखिया के इस व्यवहार से लाभार्थियों के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। परिवारों ने जिलाधिकारी और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

पारदर्शी और समयबद्ध समाधान पर जोर

जनसुनवाई के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेते हुए डीएम ने साफ कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुनें तथा तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

जनता का प्रशासन पर बढ़ रहा भरोसा

रामपुर में जनता दर्शन कार्यक्रमों के जरिए लगातार आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिलाधिकारी की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से अब लोगों को छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ रहा। प्रशासन की इस कार्यशैली को लोग सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल मान रहे हैं।

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