रिपोर्टर: ब्यूरो रिपोर्ट
स्थान: हरदोई
‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत शुरू हुआ विशेष अभियान
हरदोई में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत विशेष जांच अभियान शुरू किया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) के अनुसार, प्रदेश सरकार के निर्देश पर 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रशासन एवं प्रवर्तन शाखा संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही है।
छह दिनों में 12 वाहनों के चालान, 6 वाहन सीज
परिवहन विभाग द्वारा 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच चलाए गए जांच अभियान में कुल 12 स्कूली वाहनों का चालान किया गया, जबकि 6 वाहनों को विभिन्न थाना क्षेत्रों में सीज (निरुद्ध) कर दिया गया। जांच के दौरान इन वाहनों में फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित अनियमितताएं पाई गईं।
वाहन स्वामियों को जारी की गई चेतावनी
विभाग ने सभी स्कूली वाहन स्वामियों से अपील की है कि जिन वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा या प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है, वे बिना देरी किए उनका नवीनीकरण करा लें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय प्रबंधन को भी दिए गए निर्देश
परिवहन विभाग ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों से भी छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि किसी भी अनफिट या नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन का उपयोग स्कूल परिवहन के रूप में न किया जाए। साथ ही सभी वाहन स्वामियों को आवश्यक दस्तावेज समय पर नवीनीकरण कराने के निर्देश देने को कहा गया है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना या असुविधा से बचा जा सके।
8 जुलाई से और सख्त होगा अभियान
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि 8 जुलाई से 15 जुलाई तक पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से और अधिक सख्ती के साथ प्रवर्तन अभियान चलाएंगे। इस दौरान बिना परमिट, बिना फिटनेस, बिना बीमा, बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र अथवा निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर स्कूली बच्चों का परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान, सीज और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों के स्वामित्व वाले वाहनों की भी समान रूप से जांच की जाएगी। परिवहन विभाग का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित और नियमबद्ध यात्रा सुनिश्चित करना है तथा स्कूल परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप बनाना है।
