रिपोर्ट – सना परवीन
बिजनौर ब्रेकिंग न्यूज़। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने शुक्रवार को नजीबाबाद क्षेत्र के कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रमुख पड़ावों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पुलिस चौकी साहनपुर, मोटा महादेव मंदिर और चिड़ियापुर समेत कांवड़ मार्ग से जुड़े प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, बिजली, शौचालय, श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
कांवड़ मार्ग पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कांवड़ मार्ग पर की गई तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि यात्रा के दौरान शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग मार्गों से होकर अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। ऐसे में रास्ते में पेयजल, शौचालय, चिकित्सा और ठहरने जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सुविधाओं की लगातार निगरानी की जाए और जहां किसी प्रकार की कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर कराया जाए।
मोटा महादेव मंदिर में मेडिकल कैंप का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मोटा महादेव मंदिर परिसर में लगाए गए स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल कैंप पर भी पहुंचीं। उन्होंने वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जानकारी ली।
डीएम ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान मेडिकल कैंप की सेवाएं 24 घंटे संचालित रखी जाएं। किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या आपात स्थिति सामने आने पर उसे तत्काल प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और मेडिकल टीमों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखने के निर्देश दिए।
शिवभक्तों को बांटे फल
मोटा महादेव मंदिर परिसर में जिलाधिकारी ने शिवभक्त कांवड़ियों से मुलाकात की और उन्हें फल वितरित किए। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ली और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की।
डीएम की ओर से कांवड़ियों को फल वितरित किए जाने के दौरान वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला। प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
पेयजल और शौचालय व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कांवड़ियों के ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की सुविधा लगातार उपलब्ध रहे।
इसके साथ ही मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था और उनकी नियमित सफाई पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए मूलभूत सुविधाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थान पर सुविधाओं की कमी होने पर तत्काल आवश्यक व्यवस्था की जाए।
बिजली व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा
कांवड़ मार्ग पर बिजली विभाग की ओर से की गई व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान बिजली व्यवस्था संतोषजनक मिलने की जानकारी सामने आई।
इसके बावजूद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान बिजली आपूर्ति और संबंधित व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाए। किसी तरह की तकनीकी समस्या सामने आने पर उसे जल्द से जल्द दूर किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
बिजनौर जिले में कांवड़ मार्ग से जुड़े संभावित गुलदार प्रभावित क्षेत्रों को लेकर जिलाधिकारी ने वन विभाग को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर वन विभाग की टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने और लगातार निगरानी रखने को कहा। इसका उद्देश्य कांवड़ मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी संभावित जोखिम को कम करना है।
डीएम ने कहा कि जहां भी वन्यजीवों की गतिविधियों की आशंका हो, वहां संबंधित विभाग पहले से सतर्क रहें और आवश्यकता के अनुसार निगरानी बढ़ाएं।
संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। टीमों को संवेदनशील स्थानों पर सक्रिय रहने और किसी भी सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की सतर्कता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक यात्रा के दौरान किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस, स्वास्थ्य, बिजली, वन विभाग, विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार संपर्क और समन्वय बना रहना चाहिए।
किसी भी विभाग से जुड़ी समस्या सामने आने पर उसे दूसरे विभाग के साथ समन्वय कर जल्द से जल्द दूर किया जाए। अधिकारियों को नियमित रूप से कांवड़ मार्ग की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और आपात स्थिति में उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
चिकित्सा, पेयजल, शौचालय, बिजली और ठहरने जैसी सुविधाओं के साथ-साथ संभावित गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी रहे मौजूद
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी नजीबाबाद शैलेंद्र कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह, खंड विकास अधिकारी गौतम राय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अपने-अपने विभाग से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। डीएम ने सभी को कांवड़ यात्रा के दौरान सक्रिय रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
बिजनौर में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने नजीबाबाद क्षेत्र के कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, शौचालय और ठहरने जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मोटा महादेव मंदिर में उन्होंने कांवड़ियों को फल वितरित किए और मेडिकल कैंप को 24 घंटे संचालित रखने के निर्देश दिए। वहीं संभावित गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
