रिपोर्टर : विरेन्द्र तोमर
लोकेशन : बागपत
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “एक पेड़ माँ के नाम” महाअभियान के तहत रविवार को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। जिलेभर में 3,353 स्थानों पर लगभग 15 लाख पौधे रोपित किए गए। इस अभियान में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम में वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं उद्यान राज्यमंत्री के. पी. मलिक ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के किनारे पंचवटी वाटिका का निर्माण कर 501 पौधे रोपे और लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पंचवटी वाटिका में हुआ वृक्षारोपण महायज्ञ
वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत पंचवटी वाटिका में आयोजित विशेष वृक्षारोपण महायज्ञ के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया और इसके बाद विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
राज्यमंत्री के. पी. मलिक ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की भी आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक जरूरी उनका संरक्षण और नियमित देखभाल करना है।
जिलेभर में चला व्यापक अभियान
जिला प्रशासन की ओर से अभियान को सफल बनाने के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं। विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के तहत जिले के 3,353 चिन्हित स्थलों पर करीब 45 विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इनमें छायादार, फलदार, औषधीय और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधों को प्राथमिकता दी गई।
हरित प्राण ट्रस्ट की रही महत्वपूर्ण भागीदारी
इस महाअभियान को सफल बनाने में हरित प्राण ट्रस्ट की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ट्रस्ट के सदस्यों ने पौधरोपण के साथ-साथ लोगों को पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और देखभाल के प्रति भी जागरूक किया।
कार्यक्रम में मौजूद स्वयंसेवकों ने लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी जिम्मेदारी अपने परिवार के सदस्य की तरह निभाए।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
राज्यमंत्री के. पी. मलिक ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने सभी देशवासियों से अपील की कि वे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनके संरक्षण का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक एक पौधे की जिम्मेदारी ले ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
जनभागीदारी बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत
अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, किसानों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प भी लिया।
प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें विकसित कर हरित वातावरण तैयार करना है। इसके लिए आगे भी निगरानी और संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जिले में आयोजित यह व्यापक वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को हरित पहल से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
