रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मोरवेल ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने बड़ी पहल की है। कंपनी परिसर में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 600 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र से हर माह करीब 60 हजार यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे कंपनी को ऊर्जा खर्च में लाखों रुपये की बचत के साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिल रही है।
सौर ऊर्जा संयंत्र का विधिवत उद्घाटन 16 जनवरी 2025 को तत्कालीन जनपद जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने किया था। उद्घाटन अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संदीप भगिया, नेडा अधिकारी भजन सिंह सहित आईआईए चैप्टर से जुड़े कई उद्योगपति और सदस्य मौजूद रहे।
पर्यावरण संरक्षण की सोच ने दिखाई राह
मोरवेल ट्यूब्स के मैनेजिंग डायरेक्टर एफ.सी. मोघा की दूरदर्शी सोच और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता इस परियोजना की आधारशिला बनी। उन्होंने उद्योग की सफलता को केवल उत्पादन और मुनाफे तक सीमित न मानते हुए पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी को भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
इस पहल को धरातल पर उतारने में उनके पुत्र रजत कुमार मोघा और देवांशु कुमार मोघा समेत कंपनी की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परिवार और प्रबंधन के सामूहिक प्रयास से सौर ऊर्जा संयंत्र को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।
हर माह 4.08 लाख रुपये की बचत
600 किलोवाट का यह सौर संयंत्र प्रतिमाह करीब 60 हजार यूनिट बिजली पैदा कर रहा है। 6.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से कंपनी को लगभग 4.08 लाख रुपये प्रतिमाह की सीधी ऊर्जा बचत हो रही है। इस हिसाब से सालाना करीब 48.96 लाख रुपये की ऊर्जा लागत कम होने का अनुमान है।
उद्योग के साथ पर्यावरण की भी चिंता
सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटने के साथ कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी। यह पहल औद्योगिक इकाइयों के लिए भी उदाहरण बन सकती है कि उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चला जा सकता है।
एफ.सी. मोघा का कहना है कि उद्योग की प्रगति तभी सार्थक है, जब उसके साथ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। मोरवेल ट्यूब्स का सौर ऊर्जा संयंत्र इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हरित उद्योग की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
