रिपोर्टर: संदीप वर्मा
स्थान: बाराबंकी
कोटवा धाम को मिलेगा नया पर्यटन स्वरूप
उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत बाराबंकी जिले के ऐतिहासिक कोटवा धाम को धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने जा रही है। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है।
202.51 लाख रुपये की परियोजना
सरकारी जानकारी के अनुसार, परियोजना पर 202.51 लाख रुपये की लागत प्रस्तावित है। इसके तहत प्रारंभिक चरण में 150 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। यह विकास कार्य राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के अंतर्गत पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा है।
बाबा जगजीवन दास मंदिर का होगा विकास
बाराबंकी की सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास मंदिर और कोटवा धाम, सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। लगभग 356 वर्ष पुराने इस धार्मिक स्थल पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री निवास, शौचालय ब्लॉक, चेंजिंग रूम (वस्त्र परिवर्तन कक्ष), भव्य प्रवेश द्वार, म्यूरल वॉल, सजावटी स्तंभ, पेयजल व्यवस्था, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, पेवर ब्लॉक और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने दी जानकारी
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार सभी धर्मों, पंथों और समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए धार्मिक स्थलों का विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि सतनाम पंथ सत्य, मानवीय समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है तथा कोटवा धाम का विकास इसी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
श्रद्धालुओं की बड़ी आस्था का केंद्र
कोटवा धाम में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले मेले और बाबा जगजीवन दास के जन्मोत्सव पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह स्थल सतनाम पंथ के अनुयायियों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
स्थानीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरे कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पर्यटन विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
सरकार का मानना है कि कोटवा धाम के विकास से बाराबंकी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी। साथ ही प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
