रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं मानसी अभिनय गुरुकुल, सहारनपुर के संयुक्त तत्वावधान में तथा ह्यूमैनिटी वेलफेयर सोसायटी, मुजफ्फरनगर के सहयोग से आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन नाट्यशाला का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षित बाल कलाकारों ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
नुक्कड़ नाटकों से दिया जागरूकता का संदेश
प्रशिक्षक योगेश पंवार के निर्देशन में बाल कलाकारों ने नशा मुक्ति, स्वच्छता मेरा धर्म, सामाजिक जिम्मेदारी और जन-जागरूकता जैसे विषयों पर आधारित नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावी संवादों के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों पर प्रहार करते हुए स्वच्छ, स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण का संदेश दिया।
दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
रंगमंच समाज को देता है सकारात्मक दिशा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ह्यूमैनिटी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. एस.एन.एच. ज़ैदी ने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने और नई पीढ़ी में संवेदनशीलता, अनुशासन तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
संस्था के सचिव मोहम्मद शहवेज़ ने कहा कि संस्था शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा देती रही है तथा भविष्य में भी बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर उपलब्ध कराती रहेगी।
बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर दिया जोर
संस्था के कोषाध्यक्ष शाह आलम ने प्रतिभागियों के अनुशासन, समर्पण और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्था की सदस्य साबरा ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों ने कम समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
सामाजिक बदलाव का प्रभावी माध्यम हैं नुक्कड़ नाटक
संस्था के मीडिया प्रभारी आरिफ़ थानवी और फ़ैज़ुर्रहमान ने कहा कि सामाजिक विषयों पर आधारित नुक्कड़ नाटक आमजन तक जागरूकता पहुंचाने का अत्यंत प्रभावी माध्यम हैं और ऐसे आयोजनों को लगातार प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
समारोह में मुख्य अतिथि मनव्वर हसन एडवोकेट, औसाफ़ अहमद अंसारी, मास्टर शहज़ाद आसिफ सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कला को समाज सेवा का प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षक योगेश पंवार एवं सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों से निरंतर जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।
