रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर। थाना नई मंडी क्षेत्र स्थित जानसठ रोड पर सोमवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के विरोध में मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
मुकदमे के विरोध में कार्यालय पहुंचे रालोद कार्यकर्ता
रालोद कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मुख्य अभियंता विद्युत कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ नारे लगाए और विभागीय कार्रवाई का विरोध जताया।
बिजली संकट को लेकर लगाए आरोप
रालोद नेता सुधीर भारतीय ने आरोप लगाया कि गांधी कॉलोनी में करीब 28 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि जब स्थानीय लोग अपनी समस्या लेकर बिजलीघर पहुंचे तो उनकी बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
उन्होंने मुकदमा वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यालय में कुछ समय बाधित रही बिजली
प्रदर्शन के दौरान मुख्य अभियंता कार्यालय की बिजली आपूर्ति भी कुछ समय के लिए बाधित रही। भीषण गर्मी के बीच अधिकारी और कर्मचारी बिना बिजली के कार्य करते दिखाई दिए। हालांकि, बिजली बाधित होने के कारणों पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सीओ नई मंडी राजू साव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत बनाए रखने का प्रयास किया। पूरे समय पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
बिजली विभाग का पक्ष
मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे वार्ता के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि संबंधित जेई के साथ कथित अभद्रता की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है और वर्तमान में मुकदमा वापस लेने का कोई आधार नहीं है।
दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम
एक ओर रालोद कार्यकर्ता मुकदमा वापस लेने की मांग पर अड़े रहे, वहीं बिजली विभाग अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रहा है। फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है और आगे की स्थिति प्रशासनिक स्तर पर होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी।
