रिपोर्टर: श्याम सिंह
श्रावस्ती। श्रावस्ती जिले के सिरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शंकरपुर के ऊधव पुरवा गांव में चल रहे आरसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है और एजिंग (किनारे) के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।
घटिया सामग्री लगाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की एजिंग के निर्माण में पीली ईंट और कम गुणवत्ता वाले मसाले का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार निर्माण कार्य किया गया तो सड़क के किनारे कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन किया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन से जांच की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाए तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण होना आवश्यक है ताकि लोगों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
विभागीय कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी होनी चाहिए, जिससे निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो सके।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक जांच और तकनीकी निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन किया गया है या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
