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बाढ़ से निपटने को मुजफ्फरनगर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने तैयारियों की समीक्षा कर अफसरों की जिम्मेदारी तय की

रिपोर्टर: कबीर, ब्यूरो टीम

मुजफ्फरनगर। आगामी मानसून को देखते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बाढ़ से बचाव के लिए तैयार की गई कार्ययोजना

बैठक के दौरान बाढ़ चौकियों की स्थापना, राहत शिविरों की व्यवस्था, बांधों की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि और पशुहानि को रोका जा सके।

तहसील स्तर पर स्थलीय निरीक्षण के निर्देश

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें।

उन्होंने कहा कि संवेदनशील और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाए और वहां राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई पर जोर

जिलाधिकारी ने नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों और नालियों की सफाई का कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को रोकने के लिए सभी निकासी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त कर ली जाएं।

राहत सामग्री वितरण में नहीं होनी चाहिए देरी

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो राहत सामग्री के वितरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने संबंधित विभागों को राहत सामग्री की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग को बीमारी रोकथाम के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संभावित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए तैयार रहने को कहा गया।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पर्याप्त मात्रा में दवाइयों, मेडिकल टीमों और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था पहले से कर ली जाए।

सड़कों का सर्वे करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों का सर्वेक्षण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

उद्देश्य यह है कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

गोताखोरों और पंपिंग सेट की व्यवस्था होगी

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने कहा कि बाढ़ के दौरान विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची तैयार करें और अस्थायी पंपिंग सेट की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

पशुओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि मानव जीवन के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा की भी पूरी तैयारी रखी जाए।

बाढ़ प्रभावित गांवों में पहले से निम्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया:

पशुओं का टीकाकरण

चारे की व्यवस्था

पशु चिकित्सा सेवाएं

आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता

कई अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महादिक अक्षय संजय, जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मानसून के दौरान पूरी मशीनरी रहेगी सक्रिय

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई तैयारी से संभावित आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

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