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हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मासूम बच्ची गंभीर रूप से झुलसी, ग्रामीणों ने बिजली विभाग का किया घेराव

रिपोर्टर: ब्यूरो टीम

ललितपुर। जिले के अंडेला गांव में हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटने से एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बिरधा पावर हाउस का घेराव कर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार, नए पोल लगाने और घायल बच्ची के समुचित इलाज की मांग उठाई है।

टूटे हाईटेंशन तार की चपेट में आई बच्ची

जानकारी के अनुसार, अंडेला गांव में हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इसी दौरान एक मासूम बच्ची उसकी चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई।

घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण बच्ची को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश

हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली व्यवस्था खराब है और जर्जर लाइनों की शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं, लेकिन समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण यह गंभीर हादसा हुआ है।

बिरधा पावर हाउस का किया घेराव

घटना से नाराज ग्रामीणों ने बिरधा पावर हाउस पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:

गांव में नए बिजली पोल लगाए जाएं।

जर्जर और खतरनाक तारों को तत्काल बदला जाए।

विद्युत लाइन का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए।

घायल बच्ची के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए।

बच्ची का इलाज जारी

परिजनों के अनुसार, बच्ची का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

हालांकि, बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अभी कोई आधिकारिक चिकित्सकीय बयान सामने नहीं आया है।

बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते जर्जर तारों और खंभों की मरम्मत की जाती, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाए।

नोट: बच्ची की स्थिति और घटना से संबंधित अंतिम जानकारी प्रशासन, बिजली विभाग और मेडिकल कॉलेज की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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