रिपोर्टर: रजनीश शर्मा, हरदोई
हरदोई। राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद हरदोई जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्थानीय पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने पर कार्रवाई करते हुए कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को सीज कर दिया गया, जबकि कुछ संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चला संयुक्त अभियान
जिलाधिकारी के निर्देश पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों और मुख्य अग्निशमन अधिकारी शिवराम यादव के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। टीम ने शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और लाइब्रेरी में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
अधिकारियों ने विशेष रूप से उन संस्थानों को प्राथमिकता दी, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन आते हैं।
कई संस्थानों में मिली गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान जिंदपीर चौराहा स्थित विशाल कंप्यूटर एंड इंस्टीट्यूट, नुमाइश चौराहा स्थित सागर क्लासेस, डीएम चौराहा स्थित एसएस लाइब्रेरी और फॉरएवर लाइब्रेरी में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई।
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां पाई गईं।
आपातकालीन निकास और सुरक्षा उपकरण नहीं मिले मानकों के अनुरूप
संयुक्त टीम को कई संस्थानों में निम्न कमियां मिलीं:
आपातकालीन निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
अग्निशमन उपकरण मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
सुरक्षा प्रबंधन व्यवस्था अधूरी पाई गई।
कई स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम मौजूद नहीं थे।
अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की।
बिना एनओसी के संचालित मिले संस्थान
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं थी।
इसके बावजूद संस्थान संचालित किए जा रहे थे, जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया।
कई संस्थानों को किया गया सीज
गंभीर खामियां पाए जाने पर अग्निशमन विभाग ने संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया।
इसके अलावा कुछ संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
यदि भविष्य में किसी भी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहते हैं, इसलिए अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का पूरी तरह दुरुस्त होना बेहद आवश्यक है।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
नोट: संबंधित संस्थानों के खिलाफ की गई कार्रवाई प्रशासनिक जांच के आधार पर की गई है। यदि संस्थान निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करते हैं, तो आगे की प्रक्रिया नियमानुसार तय की जाएगी।
