रिपोर्टर: कबीर (मुजफ्फरनगर)
घर में सो रहे युवक को सांप ने काटा, उपचार के दौरान मौत
मुजफ्फरनगर। मोरना ब्लॉक क्षेत्र के सेंचुरी क्षेत्र स्थित योगेंद्र नगर गांव में सांप के काटने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा गांव में लगे कूड़े के ढेर हटाने की मांग की है।
रात में गर्दन पर महसूस हुई चुभन
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 18 वर्षीय अजत, पुत्र कुलवीर, सोमवार रात अपने घर में फर्श पर सो रहा था। देर रात करीब 11:15 बजे उसे गर्दन पर तेज चुभन महसूस हुई। जागने पर उसने पास में एक पतला सांप रेंगते हुए देखा। शोर सुनकर परिजन भी मौके पर पहुंचे और युवक की गर्दन पर काटने के निशान दिखाई दिए।
कुछ ही देर में उसकी गर्दन पर सूजन आने लगी और उल्टियां शुरू हो गईं। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए लेकर गए।
उपचार के दौरान हुई मौत
परिजनों के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर उसे स्थानीय स्तर पर ले जाया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर मेरठ के एक उच्च चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे युवक की मृत्यु हो गई।
परिजनों ने बेहतर उपचार और बचाव की उम्मीद में अन्य स्थानों पर भी प्रयास किए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
युवक की मृत्यु से उसके पिता कुलवीर, माता अनीता, बड़े भाई अजय कुमार, छोटे भाई अर्जुन और बहन अनुष्का का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की आजीविका मुख्य रूप से कृषि मजदूरी पर निर्भर बताई गई है।
ग्रामीणों ने उठाई सफाई और मुआवजे की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक के घर के सामने स्थित खाली प्लॉट में लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे सांप और अन्य जहरीले जीव निकलने की आशंका बनी रहती है। उनका मानना है कि सांप संभवतः वहीं से घर तक पहुंचा होगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में लगे कूड़े के ढेरों को तत्काल हटाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मृतक के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष अथवा अन्य सरकारी सहायता योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
निष्कर्ष
योगेंद्र नगर में हुई इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन और जहरीले जीवों से सुरक्षा जैसे मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर सफाई व्यवस्था और आवश्यक सावधानियां अपनाकर ऐसी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकता है। प्रशासन से अब गांव में सफाई व्यवस्था सुधारने और प्रभावित परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग की जा रही है।
