रिपोर्टर : कबीर
लोकेशन : मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर में आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन ने कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था और निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
डायवर्जन प्लान के पालन पर जोर
बैठक में एसपी सिटी अमृत जैन ने ट्रांसपोर्टरों से कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लागू किए जाने वाले डायवर्जन प्लान का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भारी वाहनों का संचालन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित समय और तय मार्गों पर ही किया जाए।
उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ओवरलोड वाहनों पर रहेगी निगरानी
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ओवरलोड वाहनों के संचालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ट्रांसपोर्टरों से वाहन संचालन के दौरान सभी परिवहन नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के मानकों का ध्यान रखने की अपील की गई।
अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशासन का सहयोग करने की अपील
एसपी सिटी ने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों से अपील की कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने से यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारी से तत्काल संपर्क कर समन्वय स्थापित किया जाए।
अधिकारियों ने साझा की रणनीति
बैठक में क्षेत्राधिकारी सदर राजू कुमार साव, क्षेत्राधिकारी नई मंडी सुनील कुमार, एआरटीओ मुजफ्फरनगर सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लेकर यात्रा के दौरान आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिल सके।
