रिपोर्टर: एकरार खान
विभागीय कार्यों को लेकर शुरू हुई चर्चाएं
गाजीपुर में सिंचाई विभाग से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि विभाग के एक अधिकारी के पूर्व ड्राइवर राजनाथ के नाम पर एक फर्म संचालित किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फर्म को लेकर लगाए जा रहे हैं आरोप
सूत्रों के अनुसार, माधव कंस्ट्रक्शन नामक फर्म के संचालन और विभागीय कार्यों में उसकी भूमिका को लेकर चर्चा है। यह भी दावा किया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी के पूर्व ड्राइवर राजनाथ पहले गाजीपुर में उनके साथ कार्य करते थे, जबकि वर्तमान में उनके लखनऊ में रहकर भी उनसे जुड़े कार्य देखने की बात कही जा रही है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कार्य आवंटन प्रक्रिया पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, विभागीय कार्यों के आवंटन और भुगतान प्रक्रिया में उक्त फर्म का नाम सामने आने की बातें कही जा रही हैं। इन्हीं दावों के आधार पर विभागीय पारदर्शिता और कार्य आवंटन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
आधिकारिक पक्ष आना बाकी
इस मामले में संबंधित सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा माधव कंस्ट्रक्शन का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि होना शेष है।
यदि संबंधित पक्ष अपना स्पष्टीकरण जारी करते हैं या विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान अथवा जांच रिपोर्ट सामने आती है, तो उसी के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
निष्कर्ष
गाजीपुर में सिंचाई विभाग से जुड़े इस मामले में फिलहाल कई आरोप और दावे सामने आए हैं, लेकिन उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष किसी विभागीय जांच, आधिकारिक बयान या उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। इसलिए जांच पूरी होने और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने तक इन आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
