रिपोर्ट: विशेष संवाददाता
फतेहपुर। जिले के खागा तहसील क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक लेखपाल पर खसरा बनाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
खसरा तैयार करने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार खागा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कछरा में तैनात एक लेखपाल पर आरोप है कि उसने एक किसान से खसरा तैयार करने के एवज में पैसे की मांग की। वायरल वीडियो में कथित रूप से लेखपाल लेन-देन से जुड़ी बातचीत करता दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि वीडियो में लेखपाल अपने साथ-साथ अन्य स्तरों पर भी पैसे पहुंचाने की बात करता सुनाई दे रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान जब लेखपाल को कैमरा चलने की जानकारी हुई तो वह नाराज हो गया। यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है।
जांच के बाद ही होगी पुष्टि
फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राजस्व विभाग में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी सेवाओं को बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के उपलब्ध कराया जाना चाहिए और यदि कहीं अनियमितता हो रही है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इससे सरकारी व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
नोट: वायरल वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
