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व्यापारियों की समस्याओं पर सख्त हुए डीएम उमेश मिश्रा, जलभराव, जाम और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर

जिला व्यापार बंधु समिति की बैठक में उठे व्यापारियों के अहम मुद्दे

मुजफ्फरनगर में व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। शनिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला व्यापार बंधु समिति की बैठक में व्यापारियों ने शहर की विभिन्न समस्याओं को खुलकर अधिकारियों के सामने रखा। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने की।

बैठक के दौरान व्यापारियों ने जलभराव, खराब स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, ट्रैफिक जाम, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की कमी तथा विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यापारियों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं जरूरी

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी शहर की आर्थिक प्रगति में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होंगी और इसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रशासन व्यापारिक समुदाय की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है और सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए। उन्होंने व्यापारिक संगठनों से भी आग्रह किया कि वे अपनी समस्याएं लिखित रूप में उपायुक्त प्रशासन राज्य कर को उपलब्ध कराएं, ताकि उन पर व्यवस्थित तरीके से कार्रवाई की जा सके।

जलभराव और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं पर जताई नाराजगी

बैठक में शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने आई। व्यापारियों ने बताया कि बरसात के दौरान कई बाजारों और सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस पर जिलाधिकारी ने नगर पालिका प्रशासन को फटकार लगाते हुए अधिशासी अधिकारी को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मंडी गेट क्षेत्र में जाम बना बड़ी चुनौती

व्यापारियों ने बैठक में मंडी गेट क्षेत्र में शनिवार और मंगलवार को लगने वाले भारी जाम का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इन दिनों क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाती है, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

जिलाधिकारी ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए यातायात विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक में व्यापारियों ने यह भी शिकायत की कि विभिन्न विभागों द्वारा शहर में कराए जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों के संबंध में आम लोगों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती। कई स्थानों पर कार्य शुरू हो जाते हैं लेकिन वहां किसी प्रकार का सूचना बोर्ड नहीं लगाया जाता।

इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि किसी भी निर्माण या विकास कार्य को शुरू करने से पहले स्थल पर सूचना बोर्ड लगाया जाए। बोर्ड पर परियोजना की लागत, कार्यदायी संस्था, संबंधित विभाग और कार्य पूर्ण होने की समयसीमा का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को विकास कार्यों की जानकारी मिल सकेगी।

विभागीय समन्वय से मिलेगा बेहतर समाधान

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि व्यापारियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से व्यापारिक संगठनों के संपर्क में रहें और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में काम करें।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों की शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि धरातल पर वास्तविक सुधार दिखाई देना चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता शहर में बेहतर व्यापारिक माहौल तैयार करना है।

कई विभागों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। इसमें पुलिस अधीक्षक यातायात, उपायुक्त प्रशासन राज्य कर, जिला वनाधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त तथा नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल रहे।

व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे और शहर के विकास तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की।

व्यापारिक विकास को मिलेगी नई गति

बैठक के अंत में प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि यदि व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो शहर की आर्थिक गतिविधियां भी मजबूत होंगी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच सहयोग और संवाद की भावना से ही शहर के समग्र विकास को नई दिशा दी जा सकती है। बैठक में लिए गए निर्णयों से व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है और आने वाले समय में शहर की कई पुरानी समस्याओं के समाधान का रास्ता भी खुल सकता है।

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