लोकेशन: हथगांव, फतेहपुर
फतेहपुर जिले के हथगांव थाना क्षेत्र में पुलिस की दबिश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि चोरी के एक मामले में दबिश देने पहुंची पुलिस ने बिना नोटिस और वारंट के घर में प्रवेश कर लाखों रुपये के जेवर, नकदी और घरेलू सामान अपने साथ ले लिया। वहीं पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि टीम चोरी के मामले में वांछित आरोपी से जुड़े दस्तावेजों की तलाश में गई थी।
परिवार का आरोप है कि देर रात पुलिस उनके घर पहुंची और बिना कोई तलाशी वारंट या अन्य दस्तावेज दिखाए पूरे घर की तलाशी ली। उनका कहना है कि इस दौरान घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया और विरोध करने पर धमकाया भी गया।
पीड़ित परिवार का दावा है कि करीब पांच लाख रुपये मूल्य के जेवर और लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद अपने साथ ले जाए गए। उनका यह भी आरोप है कि जब्त किए गए सामान का कोई पंचनामा या रसीद नहीं दी गई। परिवार ने यह भी दावा किया कि गैस सिलेंडर, चूल्हा और अन्य घरेलू सामान भी ले जाया गया।
परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी की शादी दस दिन बाद होनी थी और कथित पुलिस कार्रवाई के बाद रिश्ता टूट गया। उनका कहना है कि शादी के लिए वर्षों से जोड़ी गई बचत और सामान इस कार्रवाई से प्रभावित हुआ।
दूसरी ओर, थाना प्रभारी अरुण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस चोरी के एक मामले में वांछित आरोपी की तलाश में गई थी। उनके अनुसार आरोपी जेल से छूटने के बाद मुंबई में रह रहा है और पुलिस उसके आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जुटाने के लिए वहां पहुंची थी। उन्होंने परिवार द्वारा लगाए गए लूटपाट के आरोपों की पुष्टि नहीं की।
मामले के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराए जाने, कथित रूप से ले जाए गए सामान की वापसी और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप पीड़ित परिवार के दावों पर आधारित हैं। पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए अपना पक्ष प्रस्तुत किया है। मामले की वास्तविक स्थिति सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाने वाली जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
