रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना क्षेत्र स्थित ग्रीन हॉस्पिटल में डेढ़ वर्षीय मासूम आदित्य पुंडीर की मौत के मामले में परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हिंदू संघर्ष समिति के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पतालों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और अस्पताल को स्थायी रूप से सील करने की मांग की है।
हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पवार ने कहा कि उनकी समिति पिछले एक वर्ष से कथित फर्जी डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ अभियान चला रही है। उनका आरोप है कि ऐसे अस्पतालों में गलत उपचार के कारण लोगों की जान जा रही है, जबकि कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों को सील करने के बाद दोबारा खोल दिया जाता है। पवार ने ग्रीन हॉस्पिटल के संचालक और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अस्पताल को सील करने तथा डॉक्टर की कथित अवैध संपत्ति की जांच कराने की मांग की। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से भी मुजफ्फरनगर में निजी अस्पतालों की जांच के लिए शासन स्तर से विशेष टीम भेजने की अपील की।
इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी बच्चे की हालत: पिता
शामली निवासी मृतक बच्चे के पिता मनु पुंडीर ने बताया कि उनकी पत्नी अपने मायके गई हुई थीं। बच्चे को हल्का बुखार और दस्त होने पर वह उसे सुबह उपचार के लिए बुढ़ाना स्थित ग्रीन हॉस्पिटल लेकर गई थीं। पिता के अनुसार, डॉक्टर ने दवा देकर बच्चे को घर भेज दिया, लेकिन उसे उचित उपचार नहीं मिला। शाम को तबीयत अधिक बिगड़ने पर बच्चे को दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कर लिया गया।
मनु पुंडीर का आरोप है कि रात करीब 10 बजे डॉक्टर ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इसके करीब 10 मिनट के भीतर उसके पेट का रंग नीला पड़ गया और आंखें स्थिर हो गईं। इसके बाद बच्चे की मौत हो गई। पिता का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर से बच्चे को रेफर नहीं करने और उसकी हालत बिगड़ने के बारे में सवाल किए, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे की मौत के संबंध में उनकी बात नहीं मानी और उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया।
अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार
मनु पुंडीर ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए सीएमओ, जिलाधिकारी, एसएसपी और संबंधित दरोगा से संपर्क किया। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर जांच कराने की मांग भी की, लेकिन उनके अनुसार, अब तक उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली है।
धरने के दौरान उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने एक हंसता-खेलता बच्चा खो दिया है और उन्हें न्याय चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा से न गुजरना पड़े। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग से कथित अवैध अस्पतालों और डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने की भी मांग की।
