रिपोर्टर : सत्येन्द्र सिंह
बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र में युवक की मौत के मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सलेमपुर सांसद रामाशंकर राजभर ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में किसी भी पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
सांसद रामाशंकर राजभर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सभी के लिए समान है। यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी, चाहे वह पुलिस विभाग का ही क्यों न हो, की लापरवाही या गलत कार्रवाई सामने आती है तो उसे कानूनी प्रक्रिया का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव से मुक्त होकर होनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की। उनका कहना था कि परिवार इस समय कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए उचित मुआवजा देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मृतक के परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई, जिससे परिवार को भविष्य में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
रामाशंकर राजभर ने कहा कि यदि जांच के दौरान यह साबित होता है कि किसी पुलिसकर्मी ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया या उसकी भूमिका इस घटना में दोषपूर्ण रही है, तो ऐसे लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में चिंता का विषय हैं और इनसे लोगों का कानून व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होता है। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी कार्रवाई से ही जनता का भरोसा मजबूत होगा।
रेवती थाना क्षेत्र की इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर बनी हुई है। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी हो, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, सांसद रामाशंकर राजभर के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने दोहराया कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गलती सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
