रिपोर्टर: कबीर
स्थान: मुजफ्फरनगर
प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील मुख्यालय पर चल रहा भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का धरना प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गया। संगठन ने बताया कि प्रशासन ने उनकी आठ सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि भाकियू ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे।
अवैध वसूली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया
वार्ता के दौरान भाकियू नेताओं ने तहसीलों में अंश निर्धारण, दाखिल-खारिज और आय प्रमाण पत्र बनाने के दौरान कथित अवैध वसूली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। संगठन के तहसील अध्यक्ष देव अहलावत ने आरोप लगाया कि किसानों को सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अंश निर्धारण की प्रक्रिया को गांव स्तर पर संचालित किया जाए तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
राशन कार्ड और अन्य समस्याओं पर भी चर्चा
भारतीय किसान यूनियन ने राशन कार्ड से जुड़े लंबित मामलों को भी उठाया। संगठन का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद कई पात्र परिवारों के नाम सूची में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और समयबद्ध तरीके से आवेदनों का निस्तारण करने की मांग की।
बायोगैस प्लांट और भूमि विवाद का मुद्दा
बैठक में रोहाना खुर्द में निर्माणाधीन एमएसटी सीबीजी बायोगैस प्लांट से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। संगठन ने परियोजना के लिए उपयोग की जा रही भूमि की निष्पक्ष जांच कराने, किसानों की भूमि पर यदि किसी प्रकार का अवैध कब्जा हो तो उसे हटाने, मृत पशुओं के लिए निर्धारित भूमि का स्थान न बदलने तथा विवादित शिव मंदिर प्रकरण का शीघ्र समाधान कराने की मांग रखी।
सोलानी पुल और जलभराव की समस्या उठाई
भाकियू ने पुरकाजी के शेरपुर खादर क्षेत्र में सोलानी नदी पर बने पुल के कारण जल निकासी प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया। संगठन का कहना है कि जलभराव की वजह से हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई।
समयबद्ध कार्रवाई की मांग
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में विभिन्न मांगों पर सकारात्मक सहमति बनने के बाद संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। भाकियू ने कहा कि फिलहाल प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया है, लेकिन यदि तय बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों के हित में दोबारा आंदोलन किया जाएगा।
