Homeउत्तर प्रदेशवेब सीरीज देखकर छापने लगे नकली नोट, मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार

वेब सीरीज देखकर छापने लगे नकली नोट, मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। वेब सीरीज देखकर जल्दी अमीर बनने का ख्वाब तीन युवकों को नकली करेंसी के धंधे तक ले गया। आरोप है कि ‘फर्जी’ वेब सीरीज और यूट्यूब से प्रेरित होकर गिरोह ने दिल्ली के नरेला स्थित फ्लैट में नकली नोट तैयार करने शुरू कर दिए। बुढ़ाना और आसपास के बाजारों में नकली करेंसी खपाने पहुंचे गिरोह के तीन सदस्यों को बुढ़ाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है।

एसएसपी सूरज कुमार राय के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच बुढ़ाना पुलिस की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।थाना प्रभारी सुभाष अत्री के नेतृत्व में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़कर नकली करेंसी के नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है।

5.26 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद

पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि मेरठ-करनाल हाईवे पर वाजिद के होटल के बराबर, बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर ट्यूबवेल के पास तीन संदिग्ध नकली नोट लेकर खड़े हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो आरोपियों के पास से चार लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम निवासी बागपत, हाल निवासी नरेला दिल्ली, महेंद्र निवासी पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड और टीनू निवासी मेरठ के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद पुलिस ने शुभम के दिल्ली स्थित फ्लैट की तलाशी ली। वहां से 1 लाख 26 हजार 500 रुपये की अतिरिक्त नकली करेंसी मिली। इस तरह कुल बरामदगी 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की हुई। सभी नोट 500 रुपये के बताए गए हैं।

दिल्ली के फ्लैट में तैयार हो रही थी नकली करेंसी

पुलिस के अनुसार, फ्लैट से लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कॉटन पेपर और बटर पेपर के बंडल, रंगीन पिन्नी के रोल, पांच फर्मे, प्रिंटर की स्याही, पेपर कटर और अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस का दावा है कि इन उपकरणों और सामग्री का इस्तेमाल नकली नोट बनाने में किया जा रहा था।

‘फर्जी’ वेब सीरीज से आया विचार, यूट्यूब से ली मदद

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में शुभम ने बताया कि उसने अमेजन प्राइम वीडियो पर ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखी थी। इसके बाद नकली नोट तैयार कर मुनाफा कमाने का विचार आया। आरोप है कि उसने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के नरेला स्थित फ्लैट में यह काम शुरू कर दिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नोट बनाने का तरीका सीखने के लिए यूट्यूब की भी मदद ली। सामग्री ऑनलाइन मंगाने के साथ महाराष्ट्र के गणेश नामक व्यक्ति से कॉटन पेपर मंगाए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस व्यक्ति समेत गिरोह के अन्य संपर्कों की भूमिका की जांच कर रही है।

गिरोह के आगे-पीछे के नेटवर्क की पड़ताल

पुलिस ने थाना बुढ़ाना में मुकदमा संख्या 464/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास और गिरोह के फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है।

थाना प्रभारी सुभाष अत्री के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में उपनिरीक्षक आशीष चौधरी, ललित कसाना, छविकांत, संदीप कुमार, सूर्यप्रताप सिंह और तेजवीर सिंह समेत थाना बुढ़ाना की पुलिस टीम तथा सर्विलांस सेल के कर्मी शामिल रहे।

मुजफ्फरनगर एसएसपी सूरज राय ने आम लोगों से अपील की है कि 500 रुपये का कोई नोट संदिग्ध लगे तो उसकी जांच कराएं। संदिग्ध नोट को बाजार में चलाने के बजाय नजदीकी बैंक या पुलिस को सूचना दें।

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