रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर शाहपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बालिकाओं ने बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए शपथ ली कि **“न बाल विवाह करेंगी और न ही होने देंगी।”** इस दौरान क्विज प्रतियोगिता में सफल 11 मेधावी बालिकाओं को उपहार देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राजीव कुमार ने बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर देना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना जरूरी है। बाल विवाह उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
क्विज में दिखाई प्रतिभा, 11 बालिकाएं सम्मानित
कार्यक्रम के तहत ‘बाल विवाह के नुकसान’ विषय पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें सफल 11 बालिकाओं को उपहार भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली बालिकाओं में मानसी, सादिया, कनक, साजिया, जिया, रजिया और नंदिनी सहित अन्य प्रतिभागी शामिल रहीं। प्रतियोगिता के माध्यम से बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसे रोकने के उपायों की जानकारी दी गई।
बालिकाओं के अधिकारों में निवेश पर जोर
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 की थीम ‘बाल विवाह समाप्त करें और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें’ (End Child Marriage & Invest in Girls’ Rights) के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, पर्याप्त पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। लैंगिक भेदभाव समाप्त कर लड़कियों को आगे बढ़ने के समान अवसर देने से ही उनका सशक्तिकरण संभव है।
कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के मार्गदर्शन में विद्यालय की वार्डन गीता सिंह, शिक्षिका गीता रानी और इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य शिवराज सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
