केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने इंडिया एक्सपो मार्ट ग्रेटर नोएडा में आईआईजीएफ दिल्ली फेयर 2026 का किया उद्घाटन
रिपोर्ट – गीता ठाकुर
गौतमबुद्धनगर। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में पांच दिवसीय आईआईजीएफ दिल्ली फेयर 2026 का उद्घाटन किया। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित इस मेले का उद्देश्य भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ व्यावसायिक संपर्क बढ़ाना और देश के हस्तशिल्प निर्यात को नई गति देना है।
उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने हस्तशिल्प क्षेत्र की निर्यात क्षमता को बढ़ाने और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने आयोजकों से आह्वान किया कि मेले के माध्यम से 10 प्रतिशत युवाओं को निर्यात कारोबार से जोड़ने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं से परिचित कराने और उन्हें निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने से नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा रोजगार सृजन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
गिरिराज सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के बीच संघर्ष की स्थिति के बावजूद भारत में आयोजित इस मेले में 125 से अधिक देशों के खरीदार पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले आयोजन की तुलना में इस बार अधिक खरीदार आए हैं और भारत का हस्तशिल्प निर्यात लगभग 25 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने हस्तशिल्प क्षेत्र के निर्यात को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 40 देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने आने वाले समय में 56 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
आईआईजीएफ दिल्ली फेयर 2026 एक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) आयोजन है, जिसमें भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को एक मंच पर लाया जाता है। यह आयोजन भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने, नए बाजारों की संभावनाएं तलाशने और निर्यात कारोबार के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
मेले के माध्यम से भारतीय हस्तशिल्प की विविधता, पारंपरिक शिल्प कौशल और उद्यमशीलता को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के साथ-साथ देश के निर्यात क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
