बुढ़ाना में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, 18 सितंबर को हुई थी डेढ़ साल के आदित्य की मौत
रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना में इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मासूम आदित्य की मौत के मामले में आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने ग्रीन हॉस्पिटल को सील कर दिया। पीड़ित पिता की न्याय की मांग और हिंदू संघर्ष समिति के धरना-प्रदर्शन के बाद हुई इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। समिति अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग भी उठा रही है।
18 सितंबर को बुढ़ाना स्थित ग्रीन हॉस्पिटल में मनु पुंडीर के एक वर्ष तीन माह के बेटे आदित्य की इंजेक्शन लगाए जाने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे का शरीर नीला पड़ गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही पिता मनु पुंडीर कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे।
समिति ने उठाया मामला, जिला अस्पताल पर दिया धरना
करीब तीन दिन पहले मामला हिंदू संघर्ष समिति के संज्ञान में आया। समिति ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अस्पताल को सील करने और संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठाई। सोमवार को समिति के कार्यकर्ताओं ने जिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
सीएमओ के आदेश पर पहुंची टीम
मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बुढ़ाना स्थित ग्रीन हॉस्पिटल पहुंची और उसे सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान एसीएमओ डॉ. महक सिंह, डॉ. अजय सिंह और बुढ़ाना सीएचसी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
हिंदू संघर्ष समिति के अरुण प्रताप सिंह, देशराज चौहान और अंकुर राणा भी पीड़ित परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे। समिति ने कार्रवाई को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
हालांकि, अस्पताल को सील किए जाने की कार्रवाई के बीच बच्चे की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय होना और अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत को लेकर परिजनों के आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।
