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नाबालिग के मामले में पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन राजनीतिक के युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान ने जानकारी देते हुए बताया कि खालापार थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले परिवार की 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को पड़ोस का ही एक युवक, समी, बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि बच्ची करीब पांच दिन तक पुलिस कस्टडी में रही और उसे उसके माता-पिता से भी मिलने नहीं दिया गया।

इस मामले में खालापार थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, वसीम खान ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

वसीम खान ने बताया कि इस मामले को लेकर वह परिजनों के साथ एसएसपी से मिले थे। उनके मुताबिक, एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द कराया। इसके बाद बच्ची अपने माता-पिता के साथ थाना खालापार पहुंची, जहां इंस्पेक्टर के समक्ष बच्ची की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और उसके बयान दर्ज किए गए। वसीम खान के अनुसार, बच्ची ने पुलिस को अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि वहलना चौकी प्रभारी ने लड़के और लड़की दोनों को करीब पांच-छह दिन पहले बरामद कर लिया था, लेकिन आरोपित युवक के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। वसीम खान का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने बच्ची को डराया-धमकाया और उससे ऐसे बयान दिलवाए, जिससे आरोपित युवक को लाभ मिल सके।

वसीम खान ने दावा किया कि नाबालिग बच्ची के साथ तीन बार संबंध बनाए गए। उन्होंने बताया कि बच्ची को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए बुढ़ाना भेजा गया था। उनका आरोप है कि जब बच्ची मेडिकल परीक्षण के लिए पहुंची तो चौकी प्रभारी एसआई विकास सिंघल ने चिकित्सक को फोन कर कथित तौर पर कहा कि लड़की परीक्षण नहीं कराना चाहती।

वसीम खान ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए उन्हें आशंका है कि आरोपित पक्ष और पुलिस के बीच किसी प्रकार का लेन-देन हुआ हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस संबंध में सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने चौकी प्रभारी पर महिलाओं और लड़कियों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।

उन्होंने कहा कि 14 वर्षीय नाबालिग के मामले में घटना के करीब सात दिन बीत जाने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में रोष है। उन्होंने मांग की कि मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वसीम खान ने कहा कि यदि केवल स्थानांतरण किया गया है तो इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि मामले में चौकी प्रभारी की भूमिका की जांच की जाए और आरोप सही पाए जाने पर उन्हें लाइन हाजिर या निलंबित किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को डीआईजी सहारनपुर के समक्ष उठाएंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले को उनके समक्ष रखने की बात कही।

वसीम खान ने पुलिस और प्रशासन से सभी समुदायों की बेटियों के मामलों में समान और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की बेटी के साथ अन्याय होने पर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को उसकी आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के अनुरूप कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में नाबालिग के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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