195 मजिस्ट्रेट और 8 जोन, 22 सेक्टर में बंटी मेला व्यवस्था, मंडलायुक्त और डीआईजी ने पुलिसकर्मियों को दी सख्त हिदायत
रिपोर्ट – ओमप्रकाश
चित्रकूट। दीपावली सोमवती अमावस्या मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार कर लिया है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। मंडलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने रामायण मेला परिसर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेले की सुरक्षा में 195 मजिस्ट्रेट और 1779 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चित्रकूट के दीपावली सोमवती अमावस्या मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
6 नवंबर को रामायण मेला परिसर, सीतापुर में मंडलायुक्त अजीत कुमार और डीआईजी राजेश एस. ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की मौजूदगी में मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की ब्रीफिंग की।
पूरे मेला क्षेत्र को 8 जोन और 22 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंदाकिनी नदी के घाटों, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में 16 सीओ, 22 प्रभारी निरीक्षक, 39 निरीक्षक, 269 उपनिरीक्षक, 1082 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल, 155 महिला कांस्टेबल सहित यातायात और एलआईयू के जवान तैनात रहेंगे।
वहीं, पीएसी की 3 कंपनियां, फ्लड कंपनी की 2 प्लाटून और एसडीआरएफ की एक टीम भी मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा डॉग स्क्वायड, बीडीएस टीम, फायर टेंडर और अन्य आपातकालीन संसाधनों की व्यवस्था की गई है।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और सुरक्षित दर्शन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। महिला श्रद्धालुओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंडलायुक्त और डीआईजी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय और पूरी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह व्यापक सुरक्षा तैयारी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कितनी प्रभावी साबित होती है।
